content='width=device-width, initial-scale=1' /> मन के भाव - हिंदी काव्य संकलन Mann ke Bhaav : Hindi Kavita: 2022

जून 29, 2022

उदयपुर के कन्हैयालाल जी को श्रद्धांजलि

हिंदी कविता Hindi Kavita उदयपुर के कन्हैयालाल जी को श्रद्धांजलि

क्या सिर्फ़ फाँसी पर्याप्त है ?


मौत की सज़ा भी इस आतंक पे काफ़ी नहीं,

हो ऐसा इंसाफ जो मिसाल बनना चाहिए ||

जून 27, 2022

बरसात की इक रात

हिंदी प्यार कविता Hindi Love Kavita बरसात की इक रात Barsaat ki ek raat

बरसात की इस रात में हम आपका इंतज़ार करते हैं,


आपकी याद में दोस्तों से तकरार करते हैं,


तुम हमारी थी, हमारी हो, हमारी ही रहोगी,


पर हमें पता है, यह तुम कभी ना कहोगी,


इस दर्द भरी दुनिया में तुम्हारा साथ चाहते हैं,


पर ज़रूरत पड़ने पर खुद को अकेला ही पाते हैं,


दिल चीर के देख लो तुम्हारा नाम लिखा है,


प्यार क्या होता है तुमसे ही सीखा है,


हमारे दिल का हाल तुम नहीं जानती हो,


हमें सिर्फ़ हमारे चेहरे से पहचानती हो,


बरसात की इस रात में आज हम इकरार करते हैं,


हम कबूलते हैं कि हम तुमसे प्यार करते हैं,


हम कबूलते हैं कि हम तुमसे प्यार करते हैं ||

जून 19, 2022

ये साली ज़िंदगी !



अथाह अगाध सागर जैसी,


है ये साली ज़िंदगी !


पहला जनम दूजा तट मृत्यु,


यात्रा भारी ज़िंदगी !



ज़िन्दों का उपहास करती,


है ये साली ज़िंदगी !


कष्टों के लवण से परिपूर्ण,


जलधि खारी ज़िंदगी !



बूँदों में सुख को टपकाती,


है ये साली ज़िंदगी !


निकट पहुँचते ही उड़ जाती,


बूँदें, सारी ज़िंदगी !

जून 10, 2022

कुहासा


कोहरे की मोटी चादर में,


दुबका-सिमटा सारा परिवेश,


ना गोचर है मार्ग-मंज़िल,


बस तृष्णा ही बाकी है शेष |



भरता हूँ डग अटकल करते,


पथ पर कंटक-कंकड़ या घास ?


मन में है भटकाव का भय,


और धुंध के छँटने की आस |



भाग्य रवि फ़िर दमकेगा,


ओझल फ़िर होगा कुहासा,


तब तक बढ़ता धीरे-धीरे,


जीवनपथ पर मैं तन्हा सा ||

जून 04, 2022

मध्यमवर्गीय परिवार

मध्यमवर्गीय परिवार,


कूलर एक व्यक्ति चार,


दो कमरे का घरबार,


दाल रोटी और अचार,


कष्टों की है भरमार,


करते ना कभी इज़हार,


जुगाड़ में हैं बड़े होशियार,


सीमित साधन एवं विचार,


पड़ोसियों से है व्यवहार,


कानाफूसी और चटकार,


दो पहियों पर संसार,


छुट्टी बीते सपरिवार,


चाहते हैं छोटी सी कार,


धन के आगे हैं लाचार,


आँखों में सपने हज़ार,


पूरा करना बजट के बाहर,


सहते हैं महँगाई की मार,


सुनती ना इनकी सरकार,


सेल का रहता इंतज़ार,


मोल-भाव करते हर बार,


राशन की लम्बी कतार,


मुफ़्त धनिया है अधिकार,


संभाल के रखते हैं अखबार,


बाद में बिकता बन भंगार,


मेहनत का हैं भण्डार,


किस्मत की रहती दरकार,


पुरखों का करते सत्कार,


बच्चों में है शिष्टाचार,


समझौते जीवन का सार,


इच्छापूर्ति है दुष्वार,


परिवार में परस्पर प्यार,


छोटी-छोटी खुशियाँ अपार ||

मई 28, 2022

गर्मी का Lockdown


सड़कें सारी कोरी हैं, घर में भी तुम झुलसाते हो,


दिन तक तो ठीक है, रातों को भी गरमाते हो,


कोरोना अब कम है, फ़िर भी Lockdown लगवाते हो,


सूरज दादा बोलो तुम, सर्दी में क्यों नहीं आते हो ??

मई 24, 2022

शतरंज की बिसात पर


शतरंज की बिसात पर,


कपट की चाल है चली,


ज़रा ठहर, ज़रा संभल,


सम्मुख तेरे है छली,


फुफकारता भुजंग सा,


बैरी बड़ा महाबली,


साहस जुटा तू रह निडर,


असि उठा तू वार कर,


खुदा का हाथ थाम चल,


सन्मार्ग पर तू रह अटल,


शतरंज की बिसात पर,


शिकस्त की चाल है चली ||

मई 17, 2022

बाबा फ़िर आएंगें

जिनका ना कोई आदि है, ना ही कोई अंत है, ऐसे शाश्वत शिव का कोई क्या बिगाड़ सकता है |




डमरू व त्रिशूलधारी,


महाकाल त्रिपुरारी,


भक्तों का उद्धार करने,


नंदी का एकांत हरने,


बाबा फ़िर आएंगें |

मई 14, 2022

जीवन सागर


जीवन एक विस्तृत सागर है,


मन उसमें बहती नौका है,


अनुभव ही नाना टापू हैं,


लहरें भाग्यरेखा है |



टापू पर यात्री मिलते हैं,


मैंने अक्सर यह देखा है,


भेंट लघु ही होती है,


नियम यह अनोखा है |



दुखदायी यादें पत्थर हैं,


सुख एक फ़ूलों का खोखा है,


सागर में बहती नौका में,


भारी पत्थर क्यों रखा है ?

मई 08, 2022

माँ

माँ तो देखो माँ होती है,


बच्चों की दुनिया होती है,


खुदा की रहमत होती है,


धरती पर जन्नत होती है,


माँ तो देखो माँ होती है ||

अप्रैल 16, 2022

राम गुण

जब जननी ने श्रीराम को वन-गमन का आदेश दिया,


माता की आज्ञा को प्रभु ने सहर्ष शिरोधार्य किया,


विपदा में भी मर्यादा में रहकर ही व्यवहार किया,


संकट में धीरज रखने का हम सबको आदर्श दिया ||

अप्रैल 01, 2022

राजाजी आने वाले हैं

नन्हे-नन्हे फूल अब मुरझाने वाले हैं,


खट्टे-मीठे रसभरे फ़ल ललचाने वाले हैं,


गर्मी में तन को ठंडक पहुंचाने वाले हैं,


फ़लों के राजाजी आने वाले हैं |

मार्च 17, 2022

बुरा ना मानो होली है

नीला, पीला, हरा, गुलाबी


रंगों से भरी झोली है,


बुरा ना मानो होली है !



गुजिया की मिठास है संग में


शैतानी व ठिठोली है,


बुरा ना मानो होली है !



ठंडाई में चुपके से


भाँग भी हमने घोली है,


बुरा ना मानो होली है !



पुरखों के माथे पर टीका


यारों के संग खेली है,


बुरा ना मानो होली है !



गली-गली में देखो फिरती


मस्तानों की टोली है,


बुरा ना मानो होली है !



पिचकारी के जल से देखो


भीगी-भीगी चोली है,


बुरा ना मानो होली है !



रंगे-पुते चेहरे हैं सबके


जाने कौन हमजोली है,


बुरा ना मानो होली है !



द्वेष भुलाकर आगे बढ़ना


मिलना ही तो होली है,


बुरा ना मानो होली है !!!

मार्च 05, 2022

शेन वार्न को श्रद्धांजलि

आज स्वर्ग में एक क्रिकेट मैच का आयोजन हो रहा है | हमारे सारे पूर्वज दर्शक दीर्घा में बैठे हैं | नर्क से सभी दिवंगत नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है | और मैदान में खेलने के लिए उतरे हैं क्रिकेट जगत के दो दिग्गज जिनके स्वागत में मैं चंद शब्द कहूँगा –


स्वर्ग में भी आज, क्या गज़ब माहौल होगा,


बैटिंग करेंगे ब्रैडमैन, बॉलर वार्न होगा ||

मार्च 01, 2022

महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं

आज महाशिवरात्रि पर मेरी भोले बाबा से प्रार्थना है के यूरोप में चल रहे संग्राम पर विराम लगे और विश्व में शांति बहाल हो |


सत्य की जीत हो, असत्य की हार हो,


शिव से ही प्रारंभ है, शिव ही से विनाश हो,


भोले के ही चरणों में झुका संसार हो,


दुष्टों का अंत हो, अमन का आगाज़ हो ||

फ़रवरी 20, 2022

सरहद

हवा के झोकों में लहराती फसलों के बीच में,


अपनी मेहनत के पसीने से धरती को सींच के,


सूरज की तपती किरणों से आँखों को भींच के,


बचपन के अपने यार को उसके खेत से आते देखा |



कंधे पर उसके झोला था माथे पर मेहनत के निशान,


कपड़ों पर उसके मिट्टी थी मेरे ही कपड़ों के समान,


मेरी दिशा में अपनी बूढ़ी गर्दन को मोड़ के,


मेरी छवि को देख उसके चेहरे को मुरझाते देखा |



मैं पेड़ों के ऊपर चढ़ता वो नीचे फ़ल पकड़ता था,


मास्टर की मोटी बेंत से मेरे जितना वो डरता था,


जाने कितनी ही रातों को टूटे-फूटे से खाट पर,


बचपन में असंख्य तारों को हमने झपकते देखा |



वो नहरों में नहाना संग में बैठ कर खाना,


इक-दूजे के घर में सारा-सारा दिन बिताना,


छोटी-छोटी सी बातों पर कभी-कभी लड़ जाना,


बचपन की मीठी यादों को नज़रों में मंडराते देखा |



बस यादों में ही संग हैं, दूरी हममें अब हरदम है,


चंद क़दमों का है फ़ासला पर मिलना अब ना संभव है,


अपनी खेतों की सीमा से सटे लोहे के स्तंभ पर,


क्षितिज तक सरहद के बाड़े को हमने जाते देखा ||

फ़रवरी 14, 2022

खिल रहे हैं फूल

खिल रहे हों फूल जैसे इक उजड़ी सी बगिया में,


बरस पड़ा हो प्रताप जैसे इक सूखी सी नदिया पे,


टपक रहीं हों बूँदें जैसे शुष्क दरकती वसुधा पे,


पड़ रही हो छाया जैसे एक थके मुसाफिर पे,


अनुभव ऐसा होता मुझको तेरी बाँहों के घेरे में ||

फ़रवरी 11, 2022

पढ़ाई करो, लड़ाई नहीं

शिक्षण संस्थानों में धार्मिक महिमा-मंडन का कोई स्थान नहीं होना चाहिए | पढ़ाई करो, लड़ाई नहीं |



दो सालों से वैसे भी,


शिक्षा पर लगी है लगाम,


धरम को थोड़ा बगल में रखो,


ज्ञान के छुओ नए आयाम ||

फ़रवरी 06, 2022

स्वर कोकिला सुश्री लता मंगेशकर जी को श्रद्धांजलि

संगीत की लताओं पर सुरों का फ़ूल था खिला,


गूँजती मधुर ध्वनि में इक सुरीली कोकिला,


काल की कठोरता से फ़ूल धूल हो चला,


ज़िंदा है सुरों में अब भी वो स्वर कोकिला ||

जनवरी 26, 2022

गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं

भारत एक गणतंत्र है - जनता का तंत्र | भारत की जनता अपना घर हो या देश, दोनों को चलाने में सक्षम है | बाहरी सहायता की आवश्यकता नहीं है |


चाहे उत्सव हो, उल्लास हो,


या संकट का आभास हो,


चाहे दो-चार ही जन हों,


या सवा सौ करोड़ श्वास हो,


मंज़र जैसा भी हो चाहे,


हम जी लेंगे, हम कर लेंगे,


भारत पर जो आँख उठाए,


हम स्वत: ही निपट लेंगे,


हम सक्षम हैं |

जनवरी 23, 2022

जब डर, मर जाता है

हर बाधा मिट जाती है,


राह से रोड़ा हट जाता है,


दृष्टि स्पष्ट हो जाती है,


गंतव्य भी दिख जाता है,


जब डर, मर जाता है |



मतिभ्रम मिट जाता है,


मन को सुकून आता है,


खुद पर यकीन आता है,


नत सर भी उठ जाता है,


जब डर, मर जाता है |



निर्बल बली हो जाता है,


जो चाहे वो कर जाता है,


गम भी सारे मिट जाते हैं,


जीवन में रंग भर आता है,


जब डर, मर जाता है |

जनवरी 09, 2022

लोकतंत्र का उत्सव

फ़िर निकले हैं दल-बल लेकर,


चोर-उचक्के और डकैत,


चाहते हैं मायावी कुर्सी,


पाँच साल फ़िर करेंगें ऐश |



मत अपना बहुमूल्य है समझो,


मत करना इन पर बर्बाद,


जाँच-परख कर नेता चुनना,


सुने जो सबकी फ़रियाद ||