content='width=device-width, initial-scale=1' /> मन के भाव - हिंदी काव्य संकलन Mann ke Bhaav : Hindi Kavita: बाबा फ़िर आएंगें

मई 17, 2022

बाबा फ़िर आएंगें

हिंदी कविता Hindi Kavita बाबा फ़िर आएंगें Baba phir aayenge

जिनका ना कोई आदि है, ना ही कोई अंत है, ऐसे शाश्वत शिव का कोई क्या बिगाड़ सकता है |

डमरू व त्रिशूलधारी,


महाकाल त्रिपुरारी,


भक्तों का उद्धार करने,


नंदी का एकांत हरने,


बाबा फ़िर आएंगें |||

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