content='width=device-width, initial-scale=1' /> मन के भाव - हिंदी काव्य संकलन Mann ke Bhaav : Hindi Kavita: अगस्त 2021

अगस्त 30, 2021

हे कृष्ण !

हिंदी कविता Hindi Kavita हे कृष्ण Hae Krishna

युद्धभूमि में शोकाकुल अपने पार्थ को तूने ज्ञान दिया,


विष से व्याकुल जमुना को तूने ही तो विष से पार किया,


दो मुठ्ठी चावल से अपने सखा का भी उद्धार किया,


छोटी सी उंगली पर तूने पर्वत को जैसे थाम लिया,


मेरे जीवन की कश्ती को ऊँची लहरों में थाम ले,


बनजा मेरा खेवैया, अपने चरणों में मुझको स्थान दे ||

अगस्त 22, 2021

बदलाव की आहट

हिंदी कविता Hindi Kavita बदलाव की आहट Badlaav ki Aahat

हवाओं का रुख कुछ बदला-बदला सा है,


अमावस का चाँद भी उजला-उजला सा है,


संगमरमर की चट्टानों ने भी आज भरी है साँस,


दुनिया बनाने वाले का मिज़ाज कुछ बदला-बदला सा है ||

अगस्त 15, 2021

ऐ वतन, तेरे लिए

हिंदी कविता Hindi Kavita ऐ वतन तेरे लिए Ae Watan tere liye

मस्तक की बूंदों से मैंने,


सींची है तेरी ज़मीन,


मस्तक की सारी बूँदें हैं,


ऐ वतन, तेरे लिए |



लहू की बूंदों से मैंने,


खींची है तेरी सरहद,


रक्त का अंतिम कतरा भी,


ऐ वतन, तेरे लिए |



माथे की लाली को मैंने,


किया तुझपर कुर्बान,


कोख का बालक भी मेरा,


ऐ वतन, तेरे लिए |



वक्त के लम्हों को मैंने,


तेरी सेवा में बिताया,


हर पल हर श्वास मेरी,


ऐ वतन, तेरे लिए ||

अगस्त 14, 2021

मेरे अश्क

हिंदी कविता Hindi Kavita मेरे अश्क Mere Ashk

मैं बरखा में निकलता हूँ, मन का सुकून पाने को,


अपने अश्कों को बारिश की, बूँदों में छिपाने को ||

अगस्त 08, 2021

मिल्खा सिंह को सच्ची श्रद्धांजलि

हिंदी कविता Hindi Kavita मिल्खा सिंह को सच्ची श्रद्धांजलि Milkha Singh ko sacchi Shradhanjali

मिल्खा सिंह जी को कल गए हुए पूरे पचास दिन हो गए | नीरज चोपड़ा ने कल उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी, उनका स्वप्न पूरा करके | नीरज की उपलब्धि एवं मिल्खा जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कुछ पंक्तियाँ -


कमल (नीरज) खिला है आज ओलिंपिक के मैदान में,


मिल्खा झूम रहे होंगे उस पार उस जहान में ||



काश मिल्खा कुछ दिन और जी लेते,


जीते जी अपने सपने को जी लेते ||

अगस्त 05, 2021

हॉकी में पदक पर बधाई

हिंदी कविता Hindi Kavita हॉकी में पदक पर बधाई Hockey mein padak par badhai

बहुत दिनों बाद ऐसी सुबह आई है,


ना रंज है, ना गम है, ना रुसवाई है,


जीत की कहानी हमने दोहराई है,


कांस्य पदक पर पूरे राष्ट्र को बधाई है ||

आओ दशहरा मनाएं