content='width=device-width, initial-scale=1' /> मन के भाव - हिंदी काव्य संकलन: नवंबर 2020

नवंबर 28, 2020

बेमतलब है

मतलब की सारी दुनिया है,


मतलब के सारे रिश्ते हैं,


जिसको मेरी कदर नहीं,


उससे रिश्ता बेमतलब है |


सबके अपने मसले हैं,


सबके अपने मंसूबे हैं,


मन के बहरों से क्या बोलूं,


कुछ भी कहना बेमतलब है |


जीते-जी जीना ना जाना,


कल के जीवन पर पछताना,


हालात बदलने से कतराना,


ऐसा जीवन बेमतलब है ||

नवंबर 23, 2020

कविता क्या है ?

दिनकर के वंदन में कलरव,


पवन के झोंके में पल्लव,


पुष्पों पर भँवरों का गुंजन,


नभ पर मेघों का गर्जन |


वन में कुलाँचते सारंग,


अम्बर पर अलंकृत सतरंग,


सागर की लहरों की तरंग,


उत्सव में बजता मृदंग |


पन्ने पर लिखा कोई गीत,


कर्णप्रिय मधुरम संगीत,


जीवन का हर वो पल,


जो बीते संग मनमीत ||

नवंबर 17, 2020

मैंने एक ख्वाब देखा

माता की गोद जैसे,


मखमल के नर्म बिस्तर पर,


संगिनी की बांहों में,


निद्रा की गहराइयों में,


मैंने एक ख्वाब देखा |


नीले आज़ाद गगन में,


हल्की बहती पवन में,


पिंजरे को छोड़,


बेड़ी को तोड़,


उड़ता जाऊं क्षितिज की ओर |


श्वेत उजाड़ गिरी से,


ऊबड़-खाबड़ भूमि से,


ध्येय को तलाश,


राह को तराश,


बहता जाऊं सागर की ओर |


मिथ्या मलिन जगत से,


जीवन-मरण गरल से,


निद्रा से जाग,


व्यसनों को त्याग,


बढ़ता जाऊं मंज़िल की ओर ||

नवंबर 14, 2020

शुभ दीवाली

घर-आँगन-छत-जीना-गोदाम,


स्वच्छता के छूना नए आयाम,


नए रंग में रंगा पुराना मकान,


सजे रंगोली कंदील मिष्ठान,


दीपों की सुसज्जित माला,


खील-बताशे नया पहनावा,


अभिनंदन व शुभ संवाद,


बुज़ुर्गों का शुभ आशीर्वाद,


श्यामिल रात्रि प्रकाशित भयी,


सपरिवार सबके साथ ||

नवंबर 06, 2020

मेरे पास समय नहीं है

वो गर्मी की छुट्टियों में मेरा,


नाना-नानी के घर पर जाना,


वो मामा का अपार गुस्सा,


मामी संग जम कर बतियाना,


वो चाचा की शादी पर मेरा,


घोड़ी चढ़कर घबराना,


वो चाची की गोदी में मेरा,


सोने की ज़िद पर अड़ जाना |


बुआ का प्यार माँसी का दुलार,


भाई-बहन खेल-तकरार,


संगी-साथी बचपन के यार,


छोटे-बड़े सब नाते-रिश्तेदार,


याद सब है बस,


मिलने का, बतियाने का,


रूठने का, मनाने का,


मेरे पास समय नहीं है ||




वो कॉलेज की दीवार फाँद,


छुप-छुप के सिनेमाघर जाना,


वो लेक्चर बंक करके,


कैंटीन में गप्पें लड़ाना,


वो जन्मदिन के नाम पर,


बेचारे दोस्त के पैसे लुटाना,


वो अंतिम दिन इक-दूजे से,


फिर-फिर मिलने के वादे सुनाना |


पुराने दोस्त, करीबी यार,


जीवन का पहला-पहला प्यार,


खुशी के पल, गम के हालात,


हँसी-ठिठोले, पहली मुलाकात,


याद सब है बस,


मौज का, मस्ती का,


अल्हड़ मटरगश्ती का,


मेरे पास समय नहीं है ||




वो पहली किरण पर मेरा,


खुले मैदान में दौड़ लगाना,


वो साँझ के समय में,


रैकेट उठाकर खेलने जाना,


वो जागती आँखों से मेरा,


भविष्य के सपने सजाना,


वो दिन-दिनभर मोबाइल पर,


निरंतर वीडियो चलाना |


खेल-कूद गेंद और गिटार,


खुद कुछ कर दिखाने के विचार,


अधूरे ख़्वाब, दिल की चाह,


मन को भाति वो जीवनराह,


याद सब है बस,


सुख का, चैन का,


अपने लिए जीने का,


मेरे पास समय नहीं है ||

नवंबर 04, 2020

करवाचौथ

माथे पर गुलाबी रेखा,


तन पर लहंगा है लाल,


मन में अपने पिया की,


लम्बी आयु का ख्याल |


अपने कठोर तप के फ़ल में,


जन्म-जन्मांतर का बंधन माँग,


व्याकुल है अपने चाँद संग,


करने को दीदार-ए-चाँद ||