प्रेम
हिंदी प्यार कविता Hindi Love Kavita Prem प्रेमप्रेम से आनंद है,
प्रेम से ही है खुशी,
प्रेम से जीवन है,
प्रेम से है सुख की हंसी |
प्रेम नहीं तो क्या है,
क्रोध स्वार्थ अहंकार,
गर प्रेम मिट जाए कहीं,
तो छा जाता है अंधकार |
तू प्रेम भाव से देख ले,
तो छा जाती है रौशनी,
तू प्रेम भाव से बोल दे,
तो मिट जाए सारे गुबार ||
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