अगस्त 03, 2022

लॉन बॉल्स में अप्रत्याशित स्वर्ण पदक पर बधाई

हिंदी कविता Hindi Kavita लॉन बॉल्स में अप्रत्याशित स्वर्ण पदक पर बधाई Lawn Bowls mein apratyaashit swarn padak par badhai


देवी का सा रूप है मेरा,


हूँ ना मैं अबला बेचारी,


अपने दम पर शिखर को चूमूँ,


मैं हूँ, आज की नारी ||

जुलाई 31, 2022

भारतीय खिलाड़ियों को CWG 2022 के लिए शुभकामनाएं

हिंदी कविता Hindi Kavita भारतीय खिलाड़ियों को CWG 2022 के लिए शुभकामनाएं Best wishes to Indian players for CWG 2022


राष्ट्रमंडल खेलों में पुनः परचम लहराएगा,


काँसे का चाँदी का, सोने का तमगा आएगा ||

जुलाई 28, 2022

झूम के सावन आएगा

हिंदी कविता Hindi Kavita झूम के सावन आएगा Jhoom ke Sawan aayega

 

रूखा-सूखा हर तरुवर तब पत्तों से लहराएगा,


नभ से अमृत उतरेगा, जब झूम के सावन आएगा |


चंदा के दरस को, चकोर तरसाएगा,


अम्बर पर मेघ छाएंगें, जब झूम के सावन आएगा |


घटा घनी होगी, दिन में भी रवि छुप जाएगा,


इन्द्रधनुष भी दीखेगा, जब झूम के सावन आएगा |


झुलसाती तपन से तन को भी राहत पहुंचाएगा,


शीतल जल टपकेगा, जब झूम के सावन आएगा |


बहते अश्कों को भी बूँदों का पर्दा मिल जाएगा,


अकेला आशिक तरसेगा, जब झूम के सावन आएगा |


सड़कों पर चलेगी चादर, हर वाहन थम जाएगा,


कागज़ की कश्ती दौड़ेगी, जब झूम के सावन आएगा |


चाय की चुस्की के संग, पकोड़ा ललचाएगा,


भुट्टा भून के खाएंगें, जब झूम के सावन आएगा |


छाते की ओट में इक दिल दूजे से टकराएगा,


प्रेम का झरना बरसेगा, जब झूम के सावन आएगा |


सावन के गीतों संग दिल भी बाग़-बाग़ हो जाएगा,


तीज-त्यौहार मनाएंगें, जब झूम के सावन आएगा ||

जुलाई 23, 2022

बूँदें

हिंदी कविता Hindi Kavita बूँदें Boondein


आसमान से गिरती हैं नन्ही-नन्ही बूँदें,


पथरीले धरातल पर जाने किसको ढूँढें,


बूँद-बूँद धारा बनकर भूमि को सींचें,


नभ पर मोहक रंगों से चित्र मनोहर खींचें,


पत्तों से शाखाओं से मारुत में झूलें,


रूखी-सूखी धरती से दरारों को लीलें,


उदासीन उष्मा को परिवेश से मिटाएं,


उत्सव और त्योहारों का स्वागतगीत सुनाएं ||

जुलाई 16, 2022

सत्य क्या है ?

हिंदी कविता Hindi Kavita सत्य क्या है Saty kya hai

सत्य क्या है ?


सुख की अनुभूति,


या दुःख का अनुभव,


अंधियारी रात,


या मधुरम कलरव,


सपनों की दुनिया,


या व्याकुल वास्तव,


जीवंत शरीर,


या निर्जीव शव ||

जून 29, 2022

उदयपुर के कन्हैयालाल जी को श्रद्धांजलि

हिंदी कविता Hindi Kavita उदयपुर के कन्हैयालाल जी को श्रद्धांजलि

क्या सिर्फ़ फाँसी पर्याप्त है ?


मौत की सज़ा भी इस आतंक पे काफ़ी नहीं,

हो ऐसा इंसाफ जो मिसाल बनना चाहिए ||

जून 27, 2022

बरसात की इक रात

हिंदी प्यार कविता Hindi Love Kavita बरसात की इक रात Barsaat ki ek raat

बरसात की इस रात में हम आपका इंतज़ार करते हैं,


आपकी याद में दोस्तों से तकरार करते हैं,


तुम हमारी थी, हमारी हो, हमारी ही रहोगी,


पर हमें पता है, यह तुम कभी ना कहोगी,


इस दर्द भरी दुनिया में तुम्हारा साथ चाहते हैं,


पर ज़रूरत पड़ने पर खुद को अकेला ही पाते हैं,


दिल चीर के देख लो तुम्हारा नाम लिखा है,


प्यार क्या होता है तुमसे ही सीखा है,


हमारे दिल का हाल तुम नहीं जानती हो,


हमें सिर्फ़ हमारे चेहरे से पहचानती हो,


बरसात की इस रात में आज हम इकरार करते हैं,


हम कबूलते हैं कि हम तुमसे प्यार करते हैं,


हम कबूलते हैं कि हम तुमसे प्यार करते हैं ||

राम आए हैं