content='width=device-width, initial-scale=1' /> मन के भाव - हिंदी काव्य संकलन: मेरे राम, मेरे राम

अक्तूबर 15, 2021

मेरे राम, मेरे राम

अंत समय में रावण ने श्रीराम से कहा -


मेरे राम, मेरे राम


तू स्वामी मैं जंतु आम,


मेरे राम, मेरे राम


तू ज्ञानी मैं मूरख अनजान,


मेरे राम, मेरे राम


याचक को दे क्षमादान,


मेरे राम, मेरे राम


ले चल अब तेरे धाम,


मेरे राम, मेरे राम ||

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