content='width=device-width, initial-scale=1' /> मन के भाव - हिंदी काव्य संकलन: प्रेम

जनवरी 17, 2020

प्रेम

प्रेम से आनंद है,


प्रेम से ही है खुशी,


प्रेम से जीवन है,


प्रेम से है सुख की हंसी |



प्रेम नहीं तो क्या है,


क्रोध स्वार्थ अहंकार,


गर प्रेम मिट जाए कहीं,


तो छा जाता है अंधकार |



तू प्रेम भाव से देख ले,


तो छा जाती है रौशनी,


तू प्रेम भाव से बोल दे,


तो मिट जाए सारे गुबार ||

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें